माता लीलावती आर्य भिक्षु परोपकारिणी न्यास (रजि०) की स्थापना वर्ष 2000 में महात्मा आर्य भिक्षु के द्वारा की गयी।
न्यास का कार्य क्षेत्र सम्पूर्ण भारत वर्ष है। न्यास का कार्यालय: कुटी नंबर 53, आर्य वानप्रस्थ आश्रम ज्वालापुर, हरिद्वार है। संस्था के निम्नलिखित उद्देश्य है:
- महर्षि दयानन्द सरस्वती कृत सत्यार्थ प्रकाश आदि अन्यो का प्रचार एवं प्रसार ।
अनाथ व अबलाओ की सहायता । - असहाय वैदिक विद्वानो उपदेशको एवं भजनी की सहायता करना ।
- वेद पढ़ने वाले निर्धन विद्यार्थियों को मासिक वृति देना ।
- आर्यवानप्रस्थ, ज्वालापुर में असहाय साधना कर रहे भाई बहनो का आर्थिक सहायता प्रदान करना ।
- स्वामी आत्मबोध इस ट्रस्ट के अपने जीवन काल तक प्रधान मैनेजिंग ट्रस्टी रहेंगे।
स्वामी आत्मबोध की मृत्यु के बाद अन्य ट्रस्टीगण बहुमत से किसी भी अन्य ट्रस्टी को प्रधान चुन सकेंगे । और ऐसा चुना गया प्रधान 3 वर्ष तक प्रधान पद पर आसीन रहेगा। और तत्पश्चात हर तीन वर्ष के बाद नया चुनाव हुआ करेगा। - ट्रस्ट के श्री देवराज मंत्री नियुक्त किये उक्त पद पर आसीन रहेंगे। जब तक ट्रस्ट को विधिवत हुआ करेगा।
- स्वामी आत्मबोध की मृत्यु के पश्चात प्रधान का चुनाव 3 वर्ष की अवधि के लिये होगा।